PSU Stock : पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में कंपनी के शेयर में तेज तेजी देखने को मिली है, जिस वजह से यह फिर से बाजार की सुर्खियों में आ गया है। कंपनी का शेयर 5 मार्च 2026 को इंट्रा-डे में करीब 4 प्रतिशत उछल कर लगभग 453 रुपए के आसपास पहुंच गया, जो इसके 52 हफ्ते के ऊपरी स्तर के करीब माना जा रहा है। हाल के एक सप्ताह और एक महीने में यह स्टॉक सेंसेक्स और अपने सेक्टर इंडेक्स दोनों से बेहतर रिटर्न दे चुका है।
ग्लोबल कोल प्राइस और जियोपॉलिटिकल टेंशन का असर
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और मिडिल ईस्ट में सैन्य संघर्ष के कारण एलएनजी सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है, जिसका सीधा असर कोल की मांग पर दिख रहा है। न्यूकैसल थर्मल कोल फ्यूचर्स में 3 मार्च 2026 तक दो दिन में करीब 8 से 9 प्रतिशत की तेजी के साथ भाव 138 डॉलर प्रति टन तक पहुंच गए, जो नवंबर 2024 के बाद का ऊंचा स्तर है। यूरोपियन थर्मल कोल प्राइस भी अक्टूबर 2023 के बाद के उच्च स्तरों की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे बिजली उत्पादन में गैस की जगह कोयले पर निर्भरता बढ़ने की संभावना मजबूत हुई है।
Coal India ई-ऑक्शन प्रीमियम
Coal India की हाल की रैली की एक बड़ी वजह कंपनी का मजबूत ई-ऑक्शन डेटा माना जा रहा है। फरवरी 2026 के लिए जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार ई-ऑक्शन में कोयले पर मिलने वाला प्रीमियम नोटिफाइड प्राइस के ऊपर मजबूत स्तर पर बना हुआ है, जिससे प्रति टन रियलाइजेशन बेहतर हो रहा है। पिछले वित्त वर्ष में भी कंपनी का ई-ऑक्शन प्रीमियम 60 से 70 प्रतिशत की रेंज में रहा, जबकि Q3 FY25 में यह लगभग 69 प्रतिशत के आसपास दर्ज किया गया था। इससे कैश फ्लो और डिविडेंड देने की क्षमता को मार्केट पॉजिटिव संकेत के रूप में देख रहा है।
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ताजा नतीजे, प्रोडक्शन और डिमांड ट्रेंड
Q3 FY25 में Coal India का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 15.6 प्रतिशत गिरकर लगभग 7,166 करोड़ रुपए पर आ गया, जबकि रेवेन्यू में भी लगभग 5.2 प्रतिशत की कमी देखी गई। इसी तिमाही में कंपनी का कोल प्रोडक्शन करीब 200.05 मिलियन टन और ऑफटेक लगभग 188.66 मिलियन टन रहा, जो सालाना आधार पर हल्की गिरावट को दिखाता है।
हालांकि फ्यूल सप्लाई एग्रीमेंट के तहत कोयले की प्रति टन रियलाइजेशन बढ़कर करीब 1,504 रुपए प्रति टन पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में बेहतर स्तर है। लंबे समय के चार्ट पर देखें तो पिछले एक साल में स्टॉक ने लगभग 22 प्रतिशत से ज्यादा रिटर्न दिया है, जबकि इसी अवधि में सेंसेक्स की बढ़त लगभग 8 प्रतिशत के आसपास रही है।
ब्रोकरेज अपग्रेड और पावर सेक्टर डिमांड
हाल के दिनों में कुछ बड़ी विदेशी ब्रोकरेज हाउस ने Coal India पर अपना व्यू बेहतर करते हुए टारगेट प्राइस बढ़ाया है और स्टॉक को 90 दिन के अपसाइड कैटेलिस्ट वॉच में रखा है। इनके अनुसार ग्लोबल कोल प्राइस में मजबूती, थर्मल पावर की बढ़ती मांग और घरेलू स्तर पर बिजली खपत में लगातार वृद्धि कोल इंडिया के लिए सपोर्टिव फैक्टर बने रह सकते हैं। इसके साथ ही सरकार की ओर से बेस-लोड पावर के तौर पर कोयले पर निर्भरता फिलहाल बनी रहने की संभावना जताई जा रही है, जिससे कंपनी को वॉल्यूम और रियलाइजेशन दोनों मोर्चों पर सपोर्ट मिल सकता है।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश या ट्रेडिंग सलाह नहीं माना जाए।







