IFCI Share Price Target : IFCI एक सरकारी वित्तीय संस्थान है, जो प्रोजेक्ट फाइनेंस और कॉर्पोरेट लोन देने का काम करती है। मार्च 2026 में इसका शेयर प्राइस करीब 54–55 रुपये के आसपास ट्रेड हो रहा है और कंपनी का मार्केट कैप लगभग 14,700 करोड़ रुपये है। प्राइस टू अर्निंग (P/E) लगभग 42 और प्राइस टू बुक (P/B) करीब 1.7 है, जबकि बुक वैल्यू लगभग 33 रुपये प्रति शेयर है, जिससे पता चलता है कि शेयर अभी अपनी बुक वैल्यू से प्रीमियम पर चल रहा है।
लेटेस्ट रिजल्ट और फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
Q3 FY26 (अक्टूबर–दिसंबर 2025) में IFCI ने स्टैंडअलोन बेस पर लगभग 6.85 करोड़ रुपये का छोटा सा प्रॉफिट दिखाया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को लगभग 229.75 करोड़ रुपये का बड़ा नुकसान हुआ था। इस तिमाही में स्टैंडअलोन कुल इनकम लगभग 299.10 करोड़ रुपये रही, जो Q3 FY25 के 195.33 करोड़ रुपये से काफी ऊपर है, यानी रेवन्यू में अच्छी ग्रोथ दिखी है। कंसॉलिडेटेड बेसिस पर कंपनी ने Q3 FY26 में लगभग 20.82 करोड़ रुपये का प्रॉफिट और करीब 466.65 करोड़ रुपये की कुल इनकम रिपोर्ट की, लेकिन क्वार्टर‑ऑन‑क्वार्टर आधार पर रेवन्यू करीब 38 प्रतिशत गिरा है। EPS भी Q3 FY26 में घटकर लगभग 0.06 के आसपास रहा, जो बताता है कि अभी कमाई बहुत मजबूत नहीं है।
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वार्षिक नतीजे और प्रॉफिटेबिलिटी ट्रेंड
FY24 के सालाना आंकड़ों के मुताबिक, IFCI का नेट इंटरेस्ट इनकम लगभग 14,155 मिलियन रुपये रहा, जो पिछले कुछ सालों में लगभग फ्लैट रहा है। FY24 में कंपनी का नेट प्रॉफिट लगभग 1,037 मिलियन रुपये रहा, जबकि FY23 में लगभग 2,078 मिलियन रुपये का लॉस था, यानी कंपनी ने पिछले दो–तीन सालों के भारी नुकसान के बाद प्रॉफिट में वापसी की है। इससे पहले FY21 और FY22 में कंपनी को लगभग 19,415 मिलियन और 18,313 मिलियन रुपये के बड़े नुकसान झेलने पड़े थे, जो कंपनी के हाई‑रिस्क इतिहास को दिखाता है। हाल के सालों में ऑपरेटिंग प्रॉफिट और मार्जिन में सुधार दिख रहा है, लेकिन sustainable ग्रोथ के लिए अभी कुछ और सालों की लगातार परफॉर्मेंस देखनी होगी।
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एसेट क्वालिटी, NPA
IFCI की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी एसेट क्वालिटी है, जहां ग्रॉस NPA लगभग 96 प्रतिशत के आसपास बताया गया है, जो किसी भी वित्तीय संस्थान के लिए बेहद खतरनाक स्तर है। CRAR (कैपिटल टू रिस्क वेटेड एसेट रेशियो) भी लगभग माइनस 16.51 प्रतिशत के आसपास है, यानी रेगुलेटरी नॉर्म्स के हिसाब से कंपनी की कैपिटल पोजीशन कमजोर है और उसे कैपिटल इन्फ्यूजन की जरूरत रहती है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी को लगभग 500 करोड़ रुपये की इक्विटी सपोर्ट एक बड़ी PSU कंपनी से मिली है, जो सरकार की बैकिंग और रिकैपिटलाइजेशन की दिशा दिखाती है। इतनी हाई NPA और निगेटिव CRAR के बावजूद कंपनी का प्रॉफिट में आना इस बात का संकेत है कि रीकवरी और सेटलमेंट जैसे एक‑टाइम गेन भी नतीजों पर असर डाल रहे हैं।
IFCI Share Price Target 2026, 2028, 2030, 2032, 2034, 2035
| Year | अनुमानित टारगेट प्राइस (₹) |
|---|---|
| 2026 | 45 – 75 |
| 2027 | 50 – 85 |
| 2028 | 55 – 95 |
| 2029 | 60 – 110 |
| 2030 | 65 – 125 |
| 2031 | 70 – 140 |
| 2032 | 75 – 160 |
| 2033 | 80 – 180 |
| 2034 | 90 – 200 |
| 2035 | 100 – 230 |
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश या ट्रेडिंग सलाह नहीं माना जाए।







