Defense कंपनी को DRDO से लगभग ₹80.28 करोड़ का बड़ा ऑर्डर मिला है, जिसकी वजह से शेयर में हाल की गिरावट के बावजूद मजबूत तेजी देखी गई और दो हफ्ते में करीब 13% तक उछाल दर्ज हुआ।
Paras Defence को DRDO से नया कॉन्ट्रैक्ट
कंपनी ने DRDO, रक्षा मंत्रालय से हाई-प्रिसिजन ऑप्टिकल सिस्टम डेवलप करने का ऑर्डर हासिल किया है, जिसकी कुल वैल्यू लगभग ₹80.28 करोड़ (टैक्स सहित) बताई गई है। यह सिस्टम एयर डिफेंस प्लेटफॉर्म के लिए डिजाइन किया जाएगा, जहां अत्यधिक सटीक लक्ष्य पहचान और ट्रैकिंग की जरूरत होती है। कंपनी ने यह जानकारी रेगुलेशन 30 के तहत BSE और NSE को दी है, जिससे यह साफ होता है कि यह पूरी तरह घरेलू (डोमेस्टिक) डिफेंस प्रोजेक्ट है।
प्रोजेक्ट की समयसीमा और टेक्निकल महत्व
यह सप्लाई ऑर्डर ऑर्डर की तारीख से करीब 18 महीने के अंदर पूरा किया जाना है, यानी अगले डेढ़ साल तक कंपनी को इस प्रोजेक्ट से लगातार रेवेन्यू फ्लो मिलता रहेगा। हाई-प्रिसिजन ऑप्टिकल सिस्टम आधुनिक एयर डिफेंस नेटवर्क का अहम हिस्सा होता है, जो रडार और फायर कंट्रोल सिस्टम के साथ मिलकर काम करता है। ऐसी टेक्नोलॉजी के लिए एडवांस्ड ऑप्टिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और सॉफ्टवेयर इंटीग्रेशन की जरूरत होती है, जिसमें Paras Defence पहले से ही स्पेशलाइज्ड माना जाता है।
Read More : 6 महीने में 120% तक भागा Metal sector का ये शेयर! जाने इस साल के अंत तक और कितना दे सकता है रिटर्न?
Paras Defence के ऑर्डर बुक और पिछले डिफेंस ऑर्डर
हाल के सालों में Paras Defence ने कई अहम डिफेंस प्रोजेक्ट्स में हिस्सेदारी बढ़ाई है, जैसे पोर्टेबल काउंटर-ड्रोन सिस्टम और RF जैमर के लिए लगभग ₹35.68 करोड़ का ऑर्डर, जिसे मई 2026 तक पूरा किया जाना है। इसके अलावा कंपनी को इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स और थर्मल इमेजिंग फायर कंट्रोल सिस्टम से जुड़े ऑर्डर भी मिले हैं, जिनकी कुल वैल्यू 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के स्तर तक पहुंच चुकी है और इन्हें 2025–2026 की अवधि में पूरा किया जाना है। इस तरह नया DRDO कॉन्ट्रैक्ट कंपनी के ऑर्डर बुक को और मजबूत बनाता है और लंबे समय तक रेवेन्यू विजिबिलिटी बढ़ाता है।
शेयर प्राइस मूवमेंट और हाल की तेजी
मार्केट में हाल के दिनों में वॉलेटिलिटी के बावजूद डिफेंस थीम पर मजबूत रुचि दिखी है और Paras Defence का शेयर इंट्राडे में एक दौर में 13% से ज्यादा उछल कर लगभग ₹722.5 तक पहुंचा। जियोपॉलिटिकल टेंशन और घरेलू डिफेंस खर्च बढ़ने की थीम से निवेशकों की नजर मिसाइल, सर्विलांस सिस्टम, ड्रोन और एडवांस्ड ऑप्टिकल टेक्नोलॉजी बनाने वाली कंपनियों पर ज्यादा रही है। DRDO से मिला नया ₹80.28 करोड़ का ऑर्डर इस सेंटिमेंट को और सपोर्ट करता है, क्योंकि इससे कंपनी की टेक्निकल कैपेबिलिटी और सरकारी एजेंसियों के साथ मजबूत रिश्ते दोनों ही सामने आते हैं।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश या ट्रेडिंग सलाह नहीं माना जाए।







