Coal India की 100% सहायक कंपनी है, 20 मार्च 2026 को अपना IPO लेकर आ रही है। यह इश्यू पूरी तरह Offer For Sale (OFS) के जरिए होगा, जिसमें कुल 10.71 करोड़ इक्विटी शेयर बेचे जाएंगे, हर शेयर का फेस वैल्यू 2 रुपये है। इस लिस्टिंग के बाद कंपनी के शेयर BSE और NSE दोनों एक्सचेंजों पर ट्रेड होंगे।
IPO की तारीखें, साइज और स्ट्रक्चर
CMPDI का IPO 20 मार्च 2026 से 24 मार्च 2026 तक खुला रहेगा, जबकि एंकर इनवेस्टर्स के लिए बिडिंग 18 मार्च को होगी। कुल 10.71 करोड़ शेयरों की यह सेल लगभग 10% के आसपास Coal India की हिस्सेदारी में कमी दर्शाती है, यानी सरकार और Coal India दोनों अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा मार्केट में उतार रहे हैं। इश्यू प्राइस बैंड और लॉट साइज अभी “कमिंग सून” के रूप में रखे गए हैं, जिन्हें लिस्टिंग से ठीक पहले फाइनल किया जाएगा।
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रिजर्वेशन स्ट्रक्चर और रिटेल निवेशकों का फायदा
RHP के अनुसार, इस IPO में 50% हिस्सा Qualified Institutional Buyers (QIBs), 15% Non-Institutional Investors (NIIs) और 35% रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व रहेगा। इसके अलावा, ड्राफ्ट डाक्यूमेंट्स में शेयरहोल्डर रिजर्वेशन कैटेगरी का भी जिक्र है, जिसके तहत रिकॉर्ड डेट से पहले Coal India के शेयर होल्ड करने वाले निवेशकों को अलग कोटा मिल सकता है। इससे छोटे निवेशकों को अलॉटमेंट मिलने की संभावना और अधिक मजबूत हो जाती है, खासकर उन लोगों के लिए जो पहले से Coal India में निवेशक हैं।
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कंपनी का बिजनेस मॉडल और क्षमता
CMPDI देश की कोयला खनन योजनाओं, डिजाइन, एक्सप्लोरेशन और कंसल्टेंसी सेवाओं में एक प्रमुख PSU कंपनी है। कंपनी के पास 31 दिसंबर 2025 तक आठ आधुनिक लैब्स हैं, जो अलग-अलग कोलफील्ड्स में स्थित हैं और कोयले की टेस्टिंग व एक्सप्लोरेशन में उपयोग होती हैं। कंपनी ने 85 मिलियन टन सालाना क्षमता वाले बड़े ओपन-कास्ट माइन्स की प्लानिंग की है, जिनकी गहराई 420 मीटर तक जा सकती है, जो इसकी तकनीकी और ऑपरेशनल क्षमता को मजबूत दिखाती है।
वित्तीय आंकड़े और वैल्यूएशन की झलक
CMPDI ने FY26 (एनुअलाइज़्ड आधार पर) में लगभग 2,102.70 करोड़ रुपये की रेवेन्यू और करीब 666.90 करोड़ रुपये का PAT दर्ज किया है, जिससे PAT मार्जिन लगभग 30.60% बनता है। कंपनी की कुल एसेट्स 2,171.37 करोड़ रुपये के आसपास बताई गई हैं, जबकि कुल खर्च लगभग 1,037.34 करोड़ रुपये के स्तर पर है, जो इसकी प्रॉफिटेबिलिटी को सपोर्ट करता है। IPO पूरी तरह OFS होने के बावजूद, लिस्टिंग से कंपनी की ब्रांड विजिबिलिटी, मार्केट वैल्यूएशन और शेयरों में लिक्विडिटी बढ़ने की उम्मीद है, जिससे लंबे समय में निवेशकों के लिए बेहतर वैल्यू क्रिएशन की संभावनाएं खुल सकती हैं।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश या ट्रेडिंग सलाह नहीं माना जाए।







