Centrum Broking : घरेलू ब्रोकरेज सेंट्रम ब्रोकिंग ने रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की 4 कंपनियों पर नई कवरेज शुरू की है, जिनमें सुजलॉन एनर्जी, वारी एनर्जीज, एसीएमई सोलर होल्डिंग्स और एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी शामिल हैं। ब्रोकरेज के मुताबिक इन स्टॉक्स में मौजूदा स्तरों से करीब 24 से 76 प्रतिशत तक तेजी की संभावना दिख रही है।
Suzlon Energy
सेंट्रम ब्रोकिंग ने Suzlon Energy पर 74 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है, जबकि शेयर का करेंट मार्केट प्राइस लगभग 42 रुपये चल रहा है। इसका मतलब है कि ब्रोकरेज को स्टॉक में करीब 76.2 प्रतिशत तक तेजी की संभावना दिख रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि विंड एनर्जी सेगमेंट में टेक्नोलॉजी और हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स के बढ़ने से सुजलॉन जैसे खिलाड़ियों को फायदा मिल सकता है।
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Waaree Energies
Waaree Energies के लिए सेंट्रम ने 4,416 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है, जबकि शेयर अभी लगभग 3,178 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है। ब्रोकरेज के हिसाब से यहां करीब 38.9 प्रतिशत का संभावित अपसाइड बनता है। कंपनी का फोकस सोलर मॉड्यूल और सोलर प्रोजेक्ट्स पर है, जहां कम लागत और बढ़ती डिमांड की वजह से लंबी अवधि की ग्रोथ की संभावना बताई गई है।
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एसीएमई सोलर होल्डिंग्स
एसीएमई सोलर होल्डिंग्स पर ब्रोकरेज ने 315 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है, जबकि स्टॉक का मौजूदा भाव लगभग 253 रुपये है। इस आधार पर यहां करीब 24 प्रतिशत तक की तेजी की गुंजाइश देखी जा रही है। कंपनी यूटिलिटी-स्केल सोलर प्रोजेक्ट्स पर काम करती है, जो भारत के क्लीन एनर्जी टारगेट के हिसाब से अहम भूमिका निभा सकते हैं।
एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी
एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी के शेयर पर सेंट्रम ने 126 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है, जबकि इसका करेंट मार्केट प्राइस लगभग 97 रुपये है। इस तरह ब्रोकरेज को इस स्टॉक में लगभग 29.9 प्रतिशत तक अपसाइड की संभावना नजर आती है। यह कंपनी एनटीपीसी की रिन्यूएबल फोकस्ड सब्सिडियरी है, जो सरकार के 2030 तक 500 गीगावाट नॉन-फॉसिल एनर्जी के लक्ष्य के साथ सीधा जुड़ा हुआ प्ले मानी जा रही है।
रिन्यूएबल सेक्टर पर ब्रोकरेज का व्यू
सेंट्रम ब्रोकिंग का मानना है कि भारत में नई बिजली क्षमता का मुख्य स्रोत अब रिन्यूएबल एनर्जी ही होगा, जिससे 2030 तक 500 गीगावाट नॉन-फॉसिल एनर्जी का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी। रिपोर्ट के मुताबिक सोलर एनर्जी कम कॉस्ट की वजह से लीड कर रही है, जबकि हाइब्रिड प्रोजेक्ट और बेहतर टेक्नोलॉजी के चलते विंड पावर की ग्रोथ फिर से तेज हो रही है और रिन्यूएबल से मिलने वाली बिजली अब पारंपरिक पावर के मुकाबले लागत के स्तर पर काफी प्रतिस्पर्धी हो गई है।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश या ट्रेडिंग सलाह नहीं माना जाए।






