Adani Group की इस कंपनी को महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) से 1600 मेगावाट बिजली आपूर्ति का बड़ा ठेका मिला है। यह पावर सप्लाई 25 साल के लिए होगी और समझौता वित्त वर्ष 2030-31 से लागू होने की तैयारी में है। इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत कंपनी 5.30 रुपये प्रति यूनिट के लगभग टैरिफ पर बिजली देगी, जो लंबी अवधि के स्थिर राजस्व के लिए अहम माना जा रहा है।
2 लाख करोड़ रुपये की मेगा निवेश योजना
अडानी पावर और अडानी ग्रुप ने आने वाले सालों में पावर सेक्टर में करीब 2 लाख करोड़ रुपये तक का कैपेक्स प्लान तैयार किया है। कंपनी का लक्ष्य है कि 2031-32 तक अपनी कुल पावर जनरेशन क्षमता को बढ़ाकर लगभग 41.87 गीगावॉट तक पहुंचाया जाए। यह विस्तार योजना देश की बढ़ती बिजली मांग, औद्योगिक विकास और शहरीकरण को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, ताकि बेसलोड पावर की लगातार सप्लाई बनी रहे।
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Adani Power की मौजूदा क्षमता और भविष्य की टारगेट
फिलहाल Adani Power करीब 18.15 गीगावॉट की स्थापित उत्पादन क्षमता के साथ देश की सबसे बड़ी प्राइवेट थर्मल पावर प्रोड्यूसर कंपनियों में शामिल है। कंपनी के पास लगभग 23–24 गीगावॉट की अंडर-इम्प्लीमेंटेशन या पाइपलाइन क्षमता भी है, जिसमें से 13.3 गीगावॉट के लिए लॉन्ग-टर्म पावर सप्लाई एग्रीमेंट पहले ही टाई-अप हो चुके हैं। इस स्ट्रक्चर से कंपनी को वॉल्यूम और रेवेन्यू दोनों में अच्छी विजिबिलिटी मिलती है और बैंकिंग व फाइनेंसिंग की स्थिति भी मजबूत रहती है।
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शेयर और मार्केट कैप का हाल
मार्च 2026 के मध्य तक Adani Power का शेयर भाव लगभग 146–147 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा था और कंपनी का मार्केट कैप करीब 2.82 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच चुका है। पिछले एक साल में शेयर ने 52 सप्ताह का उच्च स्तर लगभग 182.8 रुपये और निचला स्तर करीब 94.4 रुपये के आसपास बनाया है, जिससे पता चलता है कि स्टॉक में अच्छी वोलैटिलिटी के साथ मजबूत रैली भी देखी गई है। पावर सेक्टर में बढ़ती मांग, लॉन्ग-टर्म कॉन्ट्रैक्ट और बड़े कैपेक्स प्लान जैसे फैक्टर इस वैल्यूएशन को सपोर्ट करते नजर आ रहे हैं।
बिजली मांग, रोज़गार और आर्थिक प्रभाव
MSEDCL से मिला 1600 मेगावाट का यह कॉन्ट्रैक्ट महाराष्ट्र की औद्योगिक और घरेलू बिजली जरूरतों को लंबे समय तक सुरक्षित करने में मदद करेगा। अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट और दूसरी योजनाओं में होने वाला 2 लाख करोड़ रुपये तक का निवेश निर्माण चरण और ऑपरेशन दोनों में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा कर सकता है। बढ़ती क्षमता और लॉन्ग-टर्म सप्लाई एग्रीमेंट्स से ना सिर्फ कंपनी का बिजनेस मजबूत होगा, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक विकास को भी सीधा फायदा मिलने की संभावना बनती है।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश या ट्रेडिंग सलाह नहीं माना जाए।






