हाल के गिरते बाजार के बावजूद Adani Group की कंपनी का शेयर अचानक जोरदार तेजी में आ गया है। यह स्टॉक सिर्फ 3 ट्रेडिंग सेशन में करीब 33 फीसदी उछलकर लगभग 623 रुपये के ऊपर पहुंच गया। बुधवार के सेशन में भी इसमें 10 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखी गई और शेयर 623 रुपये के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं एक साल में यह शेयर कुल मिलाकर सिर्फ लगभग 4 फीसदी रिटर्न दे पाया है।
3 साल में 87% गिरावट, लॉन्ग टर्म परफॉर्मेंस कैसा?
शॉर्ट टर्म की तेजी के बावजूद लॉन्ग टर्म में इस शेयर ने निवेशकों को निराश किया है। Adani Total Gas अपने पुराने हाई से लगभग 87 फीसदी नीचे ट्रेड कर रहा है, यानी तीन साल में इसमें भारी गिरावट आई है। पांच साल के रिटर्न की बात करें तो शेयर अभी भी करीब 15 फीसदी नीचे है, यानी जिन्होंने बहुत ऊंचे स्तर पर खरीदारी की, उन्हें अब तक नुकसान झेलना पड़ रहा है। इस तरह डेटा दिखाता है कि हाल की तेजी अभी तक पुराने नुकसान की भरपाई नहीं कर पाई है।
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उछाल की वजह: LPG और LNG सप्लाई संकट
हाल ही में वेस्ट एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका–ईरान युद्ध जैसे हालातों की वजह से ग्लोबल गैस मार्केट में हलचल बढ़ गई है। कतर दुनिया की लगभग 20% LNG सप्लाई करता है और ईरान के ड्रोन हमले के बाद उसे अपना बड़ा निर्यात केंद्र ‘रास लफान’ अस्थायी तौर पर बंद करना पड़ा। भारत अपनी 50% से अधिक LNG जरूरत कतर से पूरी करता है, ऐसे में घरेलू बाजार में गैस सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई। इसी बीच Adani Total Gas ने एक्सचेंज को बताया कि वेस्ट एशिया के हालात के चलते कुछ सप्लायर्स ने गैस सप्लाई काटी, जिससे उसके इंडस्ट्रियल कस्टमर्स पर असर पड़ा है।
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सरकार के फैसले और कंपनी की रणनीति
सरकार ने हाल ही में घरेलू PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) और CNG के लिए गैस अलोकेशन को प्राथमिकता देने का आदेश जारी किया है। इसके बाद कंपनी को इंडस्ट्रियल ग्राहकों की सप्लाई में कटौती करना पड़ा, लेकिन रिटेल सेगमेंट यानी घरेलू और ट्रांसपोर्ट में मांग और सपोर्ट बढ़ा है। कंपनी फिलहाल इस सरकारी आदेश और सप्लाई संकट के प्रभाव का आकलन कर रही है और असर कम करने के लिए जरूरी कदम उठा रही है।
टेक्निकल व्यू: रैली कितनी मजबूत दिख रही है?
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, शेयर में हाल में दिखी तेजी अभी दीर्घकालिक ट्रेंड बदलने का साफ संकेत नहीं देती। साप्ताहिक चार्ट पर यह अभी भी अपने लॉन्ग टर्म डाउनट्रेंड लाइन के नीचे ट्रेड कर रहा है, जिससे स्ट्रक्चरल कमजोरी बनी हुई दिखती है। हाल की उछाल 650–700 रुपये के उस जोन के करीब पहुंच गई है, जहां पहले भी सप्लाई और प्रॉफिट बुकिंग देखी गई है। मोमेंटम इंडिकेटर्स यह इशारा कर रहे हैं कि यह मूव ज्यादा शॉर्ट-कवरिंग रैली जैसी है, न कि पक्के ट्रेंड रिवर्सल जैसा संकेत।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश या ट्रेडिंग सलाह नहीं माना जाए।







