Railway PSU : भारतीय रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन ने मार्च 2026 में दूसरे अंतरिम डिविडेंड का ऐलान करके निवेशकों को बड़ी राहत दी है। साथ ही कंपनी ने अगले वित्त वर्ष के लिए भारीभरकम फंड जुटाने की योजना भी तैयार की है।
कितना है डिविडेंड और क्या है रिकॉर्ड डेट
IRFC के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए दूसरे अंतरिम डिविडेंड के रूप में प्रति शेयर 1.05 रुपये कैश डिविडेंड मंजूर किया है। इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 13 मार्च 2026 तय की गई है, यानी जिस निवेशक का नाम इस तारीख को कंपनी के रिकॉर्ड में रहेगा, उसे ही डिविडेंड का लाभ मिलेगा। डिविडेंड की असल पेमेंट रिकॉर्ड डेट के कुछ हफ्तों के भीतर निवेशकों के बैंक खाते में क्रेडिट होने की संभावना रहती है, जो आमतौर पर सभी पीएसयू कंपनियों में देखने को मिलता है।
Read More : Defense कंपनी को DRDO से मिला ₹80 करोड़ का ऑर्डर! गिरावट के बाद भी 13% उछला भाव…
शेयर प्राइस ₹100 से नीचे, फिर भी खबर ने बढ़ाई हलचल
हाल के दिनों में IRFC का शेयर पहली बार जनवरी 2024 के बाद 100 रुपये के नीचे फिसला और 96.05 रुपये का लो बनाया, जो दो साल में सबसे निचला स्तर रहा। सरकारी ऑफर फॉर सेल (OFS) के बाद कमजोर रिस्पॉन्स और बिकवाली के कारण शेयर लगभग 4 फीसदी तक गिरकर 98–99 रुपये के आसपास ट्रेड करता दिखा। हालांकि सस्ते वैल्यूएशन और ताजा डिविडेंड एनाउंसमेंट की वजह से लो लेवल पर निवेशकों की दिलचस्पी फिर बढ़ती दिखाई दी, जिसकी झलक खबर के बाद आई तेजी में दिखी।
Read More : Railway PSU का कौन सा शेयर कराएगा तगड़ी कमाई RVNL या Railtel? किसके पास ज्यादा आर्डर बुक..
70,000 करोड़ रुपये तक का बड़ा बॉरोइंग प्लान
इसी बोर्ड मीटिंग में IRFC ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 70,000 करोड़ रुपये तक का मार्केट बॉरोइंग प्रोग्राम भी मंजूर किया है। कंपनी यह पैसा देशी-विदेशी बाजारों से बॉन्ड और अन्य डेट इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए कई किस्तों में जुटा सकती है, ताकि रेलवे प्रोजेक्ट्स के लिए लंबे समय का फाइनेंस उपलब्ध कराया जा सके। हाल ही में कंपनी ने जापानी येन (JPY) में 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर के बराबर 5 साल की अनसिक्योर्ड लोन सुविधा भी हासिल की है, जिससे इसकी फंडिंग बेस और मजबूत हुआ है।
रेलवे ग्रोथ स्टोरी में अहम कड़ी
IRFC भारतीय रेलवे के लिए मुख्य फाइनेंसिंग आर्म है, जो रोलिंग स्टॉक, इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपेक्स के लिए पूंजी की जरूरत पूरी करता है। सरकार की ओर से रेलवे में बड़े पैमाने पर निवेश और मॉडर्नाइजेशन प्लान के चलते IRFC की फंडिंग जरूरतें बढ़ रही हैं, जिसे कंपनी अपने बॉरोइंग प्रोग्राम के जरिए पूरा करने की तैयारी में है। डिविडेंड, लो शेयर प्राइस और बड़े फंडरेजिंग प्लान की वजह से यह रेलवे PSU फिलहाल बाजार की सुर्खियों में बना हुआ है।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश या ट्रेडिंग सलाह नहीं माना जाए।







